PM Kisan Yojana 2026: खाते में पैसा आने की उम्मीद होती है, लेकिन कई बार दिन निकल जाते हैं और मोबाइल पर कोई मैसेज नहीं आता। पड़ोस के किसान को किस्त मिल जाती है, लेकिन अपना स्टेटस “Pending” या “On Hold” दिखाता है। ऐसे में सबसे बड़ी परेशानी यही होती है कि गलती आखिर है कहाँ।

PM Kisan योजना में ज़्यादातर नुकसान किसी बड़ी वजह से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी अनदेखी से होता है। कागज़ पूरे होते हैं, फिर भी पैसा अटक जाता है। यह लेख उसी ज़मीनी स्थिति को ध्यान में रखकर लिखा गया है, जहाँ किसान यह जानना चाहता है कि अब क्या करना सही रहेगा, ताकि अगली किस्त बिना रुकावट खाते में पहुँचे।
PM Kisan 2026 की किस्त: पैसा सबको एक साथ क्यों नहीं मिलता
PM Kisan योजना के तहत हर साल 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। यह राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर होती है। लेकिन यह प्रक्रिया सभी किसानों के लिए एक ही दिन पूरी नहीं होती। सरकार भुगतान को चरणों में भेजती है। पहले उन खातों में पैसा जाता है जिनका रिकॉर्ड पूरी तरह सही होता है। इसके बाद बाकी खातों को सिस्टम में प्रोसेस किया जाता है।
इसी वजह से किसी किसान को पैसा पहले मिल जाता है और किसी को कुछ दिन इंतज़ार करना पड़ता है। अगर 2–3 दिन तक पैसा नहीं आया है, तो इसे तुरंत समस्या मानना सही नहीं है। असली चिंता तब होती है, जब स्टेटस लंबे समय तक “Pending” या “Rejected” में बना रहे।
किस्त अटकने की सबसे आम वजहें, जो किसान अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं
ज्यादातर मामलों में किस्त रुकने की वजह बहुत साधारण होती है। eKYC अधूरी रह जाना, आधार और बैंक रिकॉर्ड में फर्क या बैंक खाता inactive होना। PM Kisan का सिस्टम भुगतान से पहले सभी रिकॉर्ड आपस में मिलाता है। अगर किसी एक जगह भी जानकारी मेल नहीं खाती, तो भुगतान रुक जाता है।
अक्सर यही वजहें सामने आती हैं:
- eKYC पूरा न होना या “Pending” दिखना
- आधार और बैंक खाते में नाम या जानकारी mismatch
- बैंक खाता लंबे समय से इस्तेमाल न होने के कारण dormant होना
- IFSC बदल जाना लेकिन पोर्टल पर अपडेट न होना
एक ज़मीनी उदाहरण देखें। अयोध्या जिले के एक किसान की पिछली किस्तें समय पर आती रहीं, लेकिन 2026 में पैसा रुक गया। स्टेटस चेक करने पर पता चला कि बैंक ने खाता inactive कर दिया था। बैंक में KYC अपडेट कराने के बाद अगली किस्त बिना किसी अतिरिक्त आवेदन के आ गई।
5 मिनट में कैसे पता करें कि दिक्कत कहाँ है

Screenshot: pmkisan.gov.in → Farmer Corner → Beneficiary Status
कोई भी सुधार करने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि भुगतान रुका क्यों है। अनुमान के आधार पर बार-बार बदलाव करने से समस्या बढ़ सकती है। सबसे सही तरीका है PM Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Beneficiary Status देखना। वहीं यह साफ दिख जाता है कि भुगतान किस चरण में है और किस वजह से रुका है। स्टेटस देखने के बाद ही अगला कदम तय करना सही रहता है।
अगर eKYC, बैंक या आधार की वजह से पैसा रुका है तो सही तरीका क्या है
eKYC से जुड़ी समस्या सबसे ज़्यादा देखने को मिलती है। कई बार किसान समझते हैं कि eKYC पूरी हो चुकी है, लेकिन सिस्टम में वह अधूरी दिखती है। ऐसी स्थिति में दोबारा eKYC करना या CSC सेंटर से biometric eKYC कराना ज़रूरी हो जाता है। अगर समस्या बैंक या आधार से जुड़ी है, तो केवल ऑनलाइन correction काफी नहीं होती। बैंक शाखा में जाकर यह सुनिश्चित करना ज़रूरी होता है कि आधार खाते से सही तरह linked और mapped है। अगर यह सुधार समय रहते नहीं किया गया, तो आगे की किस्तें भी रुक सकती हैं।
PM Kisan नई लिस्ट 2026 में नाम नहीं दिख रहा तो क्या समझें
लाभार्थी लिस्ट से नाम हटना अक्सर डराने वाला लगता है, लेकिन इसका मतलब योजना से बाहर होना नहीं होता। ज़्यादातर मामलों में यह अस्थायी समस्या होती है। eKYC पुरानी होने, बैंक विवरण बदलने या भूमि रिकॉर्ड अपडेट न होने की वजह से नाम लिस्ट से हट सकता है। सही सुधार करने पर नाम दोबारा जुड़ जाता है।

FAQs: वही सवाल जो किसान सच में पूछते हैं
Q1. “Pending” स्टेटस दिख रहा है, क्या पैसा आएगा?
हाँ, Pending का मतलब भुगतान प्रोसेस में है। रिकॉर्ड सही होने पर पैसा आ जाता है।
Q2. eKYC के बाद कितने दिन में किस्त आती है?
आमतौर पर 7–15 दिनों के भीतर अगली प्रोसेसिंग में भुगतान हो जाता है।
Q3. नाम लिस्ट से हट गया है, क्या योजना खत्म हो गई?
नहीं, सही सुधार के बाद नाम दोबारा जुड़ जाता है।
आखिर में जरूरी बात
PM Kisan योजना में किस्त रुकने की वजह अक्सर योजना नहीं, बल्कि रिकॉर्ड में रह गई छोटी गलती होती है। इसलिए हर किस्त के समय एक बार Beneficiary Status देखना समझदारी है। अगर कहीं “Pending” या “On Hold” दिखे, तो उसे टालना ठीक नहीं होता। समय रहते सही जगह सुधार करवा लेने से न सिर्फ मौजूदा किस्त आती है, बल्कि आगे की किस्तों में भी रुकावट नहीं होती।
(Disclaimer)
यह जानकारी सरकारी पोर्टल, बैंकिंग नियमों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। नियम, प्रक्रिया और समय-सीमा बदल सकती है। किसी भी आवेदन या सुधार से पहले संबंधित बैंक, CSC केंद्र या आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी की पुष्टि करना ज़रूरी है।










