
भारत में खेती करने वाले ज्यादातर किसान गेहूं, धान या सब्जियों तक ही सीमित रह जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि एक ऐसी फसल है जिसे एक बार लगाने के बाद 70-80 साल तक लगातार पैदावार मिलती रहती है? जी हां, हम बात कर रहे हैं खजूर की खेती की। मैंने खुद राजस्थान और गुजरात के कुछ इलाकों में देखा है कि किसान इस खेती से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं, और वो भी बेहद कम मेहनत में। अगर आप भी परंपरागत खेती से अलग कुछ करना चाहते हैं और अच्छी आमदनी की तलाश में हैं, तो ये लेख सिर्फ आपके लिए है।
खजूर की खेती क्यों है फायदे का सौदा
खजूर एक ऐसा फल है जिसकी मांग हमेशा बनी रहती है। रमजान के महीने में तो इसकी डिमांड आसमान छू जाती है। भारत में खजूर की खपत तो बहुत ज्यादा है, लेकिन उत्पादन कम होने की वजह से हम विदेशों से महंगे दामों पर इसे मंगवाते हैं। यही वो मौका है जहां किसान बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं। एक बार पेड़ लग जाए तो 4-5 साल बाद से फल देना शुरू कर देता है और फिर अगले कई दशकों तक लगातार पैदावार देता है। पानी की जरूरत भी कम होती है और रखरखाव भी ज्यादा नहीं करना पड़ता।
कौन सी मिट्टी और जलवायु चाहिए
खजूर की खेती के लिए गर्म और शुष्क जलवायु सबसे बेहतर मानी जाती है। राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में ये खेती बढ़िया तरीके से हो सकती है। मिट्टी की बात करें तो दोमट या रेतीली मिट्टी इसके लिए उपयुक्त होती है। एक बात का खास ध्यान रखें कि खेत में जलभराव नहीं होना चाहिए, वरना पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं। pH level 7 से 8 के बीच होना चाहिए। मेरे आसपास कई किसान यहाँ गलती कर देते हैं कि वे बिना मिट्टी की जांच कराए ही पौधे लगा देते हैं, जिससे बाद में परेशानी होती है।
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सही किस्म का चुनाव कैसे करें
भारत में कई तरह की खजूर की किस्में उपलब्ध हैं, लेकिन सही किस्म चुनना बहुत जरूरी है। बरही, खदरावी, मेडजूल और खलास जैसी किस्में यहां अच्छी तरह से उगाई जा सकती हैं। अगर आप व्यावसायिक स्तर पर खेती करना चाहते हैं तो बरही और मेडजूल किस्म सबसे ज्यादा मुनाफा देती हैं क्योंकि इनकी मार्केट डिमांड ज्यादा होती है। पौधे हमेशा किसी विश्वसनीय नर्सरी से ही खरीदें और टिशू कल्चर वाले पौधे लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है क्योंकि ये जल्दी फल देते हैं।
पौधे कैसे और कब लगाएं

खजूर के पौधे फरवरी-मार्च या फिर जुलाई-अगस्त में लगाए जा सकते हैं। एक एकड़ जमीन में करीब 60 से 70 पौधे लगाए जा सकते हैं। पौधे से पौधे की दूरी 6-8 मीटर रखनी चाहिए ताकि उन्हें पर्याप्त जगह और धूप मिल सके। गड्ढे की गहराई कम से कम 3 फीट रखें और उसमें गोबर की खाद और मिट्टी का अच्छा मिश्रण भरें। पौधा लगाने के तुरंत बाद हल्की सिंचाई जरूर करें। शुरुआती 1-2 साल में नियमित पानी देना होता है, लेकिन उसके बाद खजूर का पेड़ काफी सहनशील हो जाता है।
सिंचाई, खाद और देखभाल की बारीकियां
खजूर के पेड़ को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती, लेकिन फल बनने के समय नियमित सिंचाई जरूरी है। ड्रिप सिंचाई इसके लिए सबसे बेहतर तरीका है क्योंकि इससे पानी की बचत होती है और पौधे को सही मात्रा में नमी मिलती रहती है। खाद की बात करें तो साल में दो बार गोबर की खाद या कम्पोस्ट देना चाहिए। फूल आने से पहले NPK खाद भी दी जा सकती है। कीट और बीमारियों से बचाव के लिए समय-समय पर जैविक कीटनाशकों का छिड़काव करें। क्या आप जानते हैं कि खजूर के पेड़ को साल में एक बार हल्की छंटाई की भी जरूरत होती है?
बाजार और कमाई का गणित
एक पूर्ण विकसित खजूर का पेड़ साल में 40 से 80 किलो तक फल दे सकता है। बाजार में खजूर का रेट 300 से 800 रुपये प्रति किलो तक होता है, ये क्वालिटी और किस्म पर निर्भर करता है। अगर आप 60 पेड़ लगाते हैं और औसतन हर पेड़ से 50 किलो फल मिलता है, तो साल में 3000 किलो उत्पादन होगा। अगर आप इसे 400 रुपये प्रति किलो भी बेचें तो 12 लाख रुपये की कमाई हो सकती है। शुरुआती निवेश 3-4 लाख के आसपास आता है, लेकिन एक बार पेड़ फल देना शुरू करे तो फिर सालों-साल मुनाफा होता रहता है।
सवाल-जवाब
खजूर का पेड़ कितने साल में फल देने लगता है?
टिशू कल्चर से तैयार पौधे 4-5 साल में फल देना शुरू कर देते हैं, जबकि पारंपरिक पौधों में 6-8 साल लग सकते हैं।
क्या खजूर की खेती सभी राज्यों में हो सकती है?
नहीं, खजूर को गर्म और शुष्क जलवायु चाहिए। राजस्थान, गुजरात, पंजाब और हरियाणा जैसे इलाके इसके लिए सबसे उपयुक्त हैं।
खजूर बेचने के लिए मार्केट कहां मिलेगा?
स्थानीय मंडियों के अलावा, आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी बेच सकते हैं। बड़े शहरों में सुपरमार्केट और ड्राई फ्रूट की दुकानें भी अच्छी कीमत देती हैं।
खजूर की खेती एक लंबी अवधि का निवेश है, लेकिन इसमें मेहनत कम और मुनाफा ज्यादा है। अगर आप सही तरीके से शुरुआत करते हैं और धैर्य रखते हैं, तो ये खेती आपकी आर्थिक स्थिति बदल सकती है। तो क्यों न आज ही इस दिशा में सोचना शुरू करें?
अगर आपके मन में खजूर की खेती को लेकर कोई सवाल है या आप इस तरह की खेती पहले से कर रहे हैं, तो अपना अनुभव हमारे साथ जरूर साझा करें। आपकी राय दूसरे किसानों के लिए भी मददगार हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। खेती शुरू करने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञों और अनुभवी किसानों से सलाह जरूर लें। बाजार की स्थिति और कीमतें समय के साथ बदल सकती हैं।











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