लखपति दीदी योजना में भुगतान रुकने की समस्या का समाधान – आवेदन से पहले ये 3 स्टेप ज़रूर करें

Published on. January 15, 2026

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लखपति दीदी योजना: (DAY-NRLM) के तहत कई जगह भुगतान “रुकने” की सबसे बड़ी वजह पात्रता/अनुमोदन नहीं, बल्कि DBT में बैंक-अकाउंट वैलिडेशन, IFSC mismatch, KYC pending, Aadhaar-NPCI mapping जैसी तकनीकी गड़बड़ी होती है—और यही चीज़ पैसा क्रेडिट होने से रोक देती है। आवेदन/अपडेट कराने से पहले नीचे दिए गए 3 स्टेप कर लिए जाएँ, तो “पेमेंट फेल/रिजेक्ट/पेंडिंग” वाली समस्या काफी हद तक पहले ही पकड़ी जा सकती है और बाद में दौड़-भाग कम होती है।

पहले सही समझें: भुगतान “क्यों” रुकता है?

लखपति दीदी पहल DAY-NRLM का हिस्सा है और इसमें ट्रेनिंग/कैपेसिटी बिल्डिंग, फाइनेंशियल सपोर्ट आदि गतिविधियाँ DAY-NRLM के फंड से होती हैं; अलग से अलग बजट लाइन नहीं होती—इसलिए भुगतान/सपोर्ट अक्सर NRLM प्रक्रिया, बैंक लिंकिंग और DBT चैनल के साथ जुड़ा होता है। जब DBT के जरिए लाभ/राशि ट्रांसफर होती है, तब PFMS/बैंक वैलिडेशन में छोटी-सी गलती भी “Not Validated/Payment Failed” जैसी स्थिति बना सकती है—जैसे अकाउंट नंबर invalid/blocked/closed, IFSC गलत, बैंक और IFSC का mismatch, KYC update pending (लंबे समय से), या Aadhaar DBT के लिए enable न होना।

आपके केस में “आवेदन हो गया फिर भी पैसा नहीं आया” है या “पहले आता था अब बंद हो गया” है? दोनों में जांच की दिशा थोड़ी अलग होगी—इसलिए नीचे वाला 3-स्टेप प्री-चेक जरूरी है।

आवेदन से पहले Step-1: बैंक डिटेल “जीरो-एरर” बनाइए (Account + IFSC + KYC)

सबसे पहले अपनी बैंक पासबुक/नेट बैंकिंग से Account number और IFSC को अक्षरशः मिलान करें, क्योंकि PFMS में “Invalid IFSC” या “Bank name और IFSC related नहीं” जैसी वजह से वैलिडेशन रुक सकता है।

अगर अकाउंट dormant/blocked/close की कैटेगरी में गया, या KYC pending रही, तो भी भुगतान अटकता है—ऐसे मामलों में बैंक ब्रांच से KYC update और अकाउंट status active कराना जरूरी होता है।
यहाँ एक छोटा सवाल: आपने हाल में बैंक अकाउंट बदला है, ब्रांच बदली है, या KYC अपडेट नहीं कराया है? अगर हाँ, तो पहले बैंक में ठीक कराकर वही अपडेट SHG/CLF/NRLM ऑपरेटर को दें, ताकि गलत डिटेल से बार-बार rejection न आए।

आवेदन से पहले Step-2: Aadhaar seeding + NPCI mapper (DBT Enable) जरूर सुनिश्चित करें

केवल आधार नंबर होना काफी नहीं होता; DBT के लिए Aadhaar का बैंक अकाउंट से seed होना और NPCI mapper पर update होना जरूरी पड़ सकता है, वरना “Aadhaar is not seeded in NPCI / UID disable for DBT / Aadhaar de-seeded” जैसी वजह से भुगतान fail हो सकता है।
PFMS की remediation गाइड में साफ लिखा है कि अगर Aadhaar DBT enable/seed नहीं है या de-seeded है, तो beneficiary को बैंक ब्रांच से Aadhaar seeding कराने और NPCI mapper update कराने के लिए कहना चाहिए।

Practical tip: बैंक में जाते समय “Aadhaar seeding + NPCI mapper for DBT”बोलकर लिखित में request दें और acknowledgment/receipt (अगर मिल सके) संभाल लें—बाद में यही proof काम आता है।

आवेदन से पहले Step-3: PFMS पर Beneficiary + Payment status पहले ही चेक कर लें

कई बार समस्या “किसी ने फाइल भेजी ही नहीं” नहीं होती, बल्कि PFMS पर beneficiary validation या payment stage पर error दिख रहा होता है—इसलिए आवेदन/फॉर्म भरने से पहले PFMS DBT tracker पर status देखकर आप सही जगह fix कर सकते हैं। PFMS में status देखने का तरीका आमतौर पर यह रहता है: DBT Status Tracker पर Category चुनना, “DBT Status” में Payment या Beneficiary Validation चुनना, बैंक नाम चुनना और फिर Account number/Application ID/Beneficiary code डालकर search करना। अगर PFMS पर “Account invalid/IFSC invalid/KYC update” जैसी remark आए, तो वही remark लेकर बैंक/NRLM office में बात करें—बिना remark के शिकायत करने पर फाइल घूमती रहती है।

एक real-life example: “पेमेंट रुका था, कारण निकला KYC pending”

मान लीजिए रामपुर ब्लॉक के एक SHG सदस्य का कहना है—“पिछले साल तक पैसा आता था, इस बार नहीं आया।” बैंक में पता चला कि अकाउंट पर KYC update pending है और PFMS में “Invalid Account / KYC update” जैसी स्थिति बन गई थी, इसलिए payment file pass नहीं हुई।
समाधान यह हुआ कि बैंक ब्रांच में KYC अपडेट कराया गया, फिर वही सही bank details/active status SHG/CLF के माध्यम से रिकॉर्ड में अपडेट कराया गया—इसके बाद अगली processing में राशि बैंक खाते में क्रेडिट हो गई। आपके साथ भी ऐसा तो नहीं कि अकाउंट चालू है, लेकिन KYC/DBT mapping की वजह से सिस्टम उसे eligible नहीं मान रहा?

Quick checklist + timeline (यही 3 स्टेप फॉलो करें)

नीचे वाला मिनी-टाइमलाइन अपनाइए—यह ground level पर सबसे practical रहता है।

Dayक्या करना हैExpected output
Day 1पासबुक से Account No + IFSC मिलान, अकाउंट status/KYC पूछनाCorrect bank details + KYC updated confirmation
Day 2बैंक ब्रांच में Aadhaar seeding + NPCI mapper (DBT) confirm करानाDBT enable/seed status fixed
Day 3PFMS पर Beneficiary Validation + Payment status देखनाRejection reason/Status screenshot ready

(जरूरत पड़े तो यही proof लेकर आप CLF/VO/ब्लॉक मिशन मैनेजमेंट यूनिट के ऑपरेटर से data correction के लिए बोल सकते हैं—क्योंकि PFMS में “valid bank details provide to scheme owner department” जैसी action line दी गई है।)

Trust + verification: सही जानकारी कहाँ से verify करें?

  • लखपति दीदी पहल DAY-NRLM के अंतर्गत है और इसे Ministry of Rural Development राज्यों/UTs के साथ implement करता है—यह बात PIB के official release में दी गई है।
  • DBT में rejection/validation failure के कारण और उनके remedies PFMS की official document में दिए गए हैं (जैसे invalid account/IFSC, KYC pending, Aadhaar seeding/NPCI mapper)।
  • किसी WhatsApp forward/YouTube claim पर भरोसा करने से पहले PFMS status remark और बैंक से लिखित/मैसेज confirmation लेना ज्यादा सुरक्षित है।

FAQ (यूजर जो सच में सर्च करता है)

Q1. लखपति दीदी योजना का पैसा खाते में नहीं आया, सबसे पहले क्या चेक करें?
सबसे पहले बैंक अकाउंट नंबर/IFSC की गलती, अकाउंट closed/blocked, और KYC pending जैसी चीजें चेक करें, क्योंकि यही validation में सबसे common कारण हैं।

Q2. PFMS में “Payment failed” दिखे तो क्या करें?
PFMS में payment failed के पीछे कारण जैसे “account invalid/IFSC invalid/KYC update” हो सकते हैं; remark के हिसाब से बैंक में KYC/डिटेल ठीक कराकर scheme owner रिकॉर्ड में सही डिटेल अपडेट कराएँ।

Q3. आधार लिंक है फिर भी DBT क्यों रुक जाता है?
कई केस में Aadhaar “seeded” होने के बावजूद NPCI mapper/DBT enable या de-seeded की समस्या आ जाती है; PFMS गाइड के अनुसार बैंक ब्रांच से Aadhaar seeding और NPCI mapper update कराना पड़ता है।

🔴 जरूरी जानकारी
यह जानकारी सरकारी वेबसाइटों और भरोसेमंद सार्वजनिक स्रोतों को देखकर आसान भाषा में समझाने के लिए लिखी गई है। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग या सरकारी दफ्तर की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। किसी भी योजना, पैसा, लाभ या नियम से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले कृपया संबंधित सरकारी वेबसाइट पर जानकारी खुद से एक बार जरूर जांच लें।

Kamlesh Kumar

मेरा नाम कमलेश कुमार है और मेरा उम्र 22 वर्ष है।मैं ब्लॉगिंग करता हूँ और किसान से जुड़ी सरकारी अपडेट, सरकारी योजनाएँ और पोस्ट ऑफिस स्कीम की जानकारी आसान भाषा में लिखता हूँ। यहाँ दी गई जानकारी मैं सरकारी वेबसाइटों और भरोसेमंद सार्वजनिक स्रोतों को देखकर तैयार करता हूँ। ई-मेल: help@suchnamanch24x7.in

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