
Post Office RD, FD और Saving Account की योजनाओं में निवेश करना आज भी लाखों भारतीयों की पहली पसंद है। मेरे गाँव में ज्यादातर लोग बैंक से ज्यादा पोस्ट ऑफिस पर भरोसा करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि छोटी-छोटी गलतियों की वजह से कई लोगों का पैसा फंस जाता है? आज मैं आपको वो बातें बताऊंगा जो ज्यादातर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। ये वो जानकारी है जो आपको किसी भी पोस्ट ऑफिस अधिकारी से पूछने पर शायद ही मिले।
नॉमिनी का नाम न डालना सबसे बड़ी भूल
बहुत से लोग खाता खोलते समय नॉमिनी की डिटेल्स नहीं भरते। मेरे एक पड़ोसी चाचा के साथ यही हुआ था। उनकी अचानक मृत्यु के बाद उनके बेटे को पैसा निकालने में 8 महीने लग गए। Post Office के नियम बैंक से थोड़े अलग हैं। अगर आपने nominee नहीं बनाया तो परिवार वालों को legal heir certificate बनवाना पड़ता है। ये काम महीनों चल सकता है। मान लीजिए आपके पास 5 लाख की FD है और आपने nominee नहीं बनाया। अब आपकी family को तहसील या कोर्ट के चक्कर लगाने होंगे। सोचिए कितनी मुश्किल होगी।
Nominee बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
- नाबालिग को nominee बना सकते हैं, लेकिन guardian का नाम जरूरी है
- एक से ज्यादा nominee भी बना सकते हैं
- समय-समय पर nominee details update करते रहें
- पुराने खातों में भी nominee जोड़ा जा सकता है
KYC documents का अपडेट न होना जान पड़ सकता है भारी
ये वाली गलती तो लगभग हर दूसरा व्यक्ति कर देता है। आपने 10 साल पहले खाता खोला था तो पुराना आधार कार्ड दिया होगा। अब आपका address बदल गया है लेकिन पोस्ट ऑफिस में अपडेट नहीं किया। पिछले साल मेरे एक दोस्त को RD mature होने पर पैसा नहीं मिला। कारण था पुराना मोबाइल नंबर और address। उन्हें नए documents लेकर फिर से जाना पड़ा। Post Office अब डिजिटल हो रहा है। Aadhaar linking अनिवार्य हो गई है। अगर आपका Aadhaar linked नहीं है तो कई सेवाएं बंद हो सकती हैं।
असली दिक्कत यहां आती है:
जब आप समय पर पैसा निकालना चाहते हैं लेकिन KYC pending होने की वजह से काम रुक जाता है। खासकर emergency में ये बहुत परेशानी वाली स्थिति बन जाती है। मेरी राय में हर 2 साल में एक बार अपनी सभी details check कर लेनी चाहिए। इससे बाद में होने वाली problems से बचा जा सकता है।
RD और FD का maturity date भूल जाना
ये सुनने में छोटी बात लगती है लेकिन असर बहुत बड़ा होता है। कई लोग अपनी recurring deposit या fixed deposit की maturity date ही भूल जाते हैं। मान लीजिए आपकी FD 5 साल बाद mature हो रही है। आप भूल गए और 6 महीने बाद गए। अब post office उस पैसे को automatically savings account में transfer कर चुका है। वहां ब्याज rate बहुत कम मिलता है।
कुछ लोगों के साथ तो ये भी होता है:
उन्हें ये पता ही नहीं चलता कि उनकी deposit mature हो चुकी है। पैसा बेकार में कम interest पर पड़ा रहता है। ये खासकर बुजुर्गों के साथ ज्यादा होता है। RD में तो और भी मुश्किल है। अगर आप किस्त जमा करना भूल गए तो penalty लगती है। 2-3 महीने छूट गए तो कई बार account ही बंद हो जाता है। मैंने खुद देखा है कि लोग साल भर बाद जाते हैं और पता चलता है कि account default हो चुका है। फिर उसे revive करवाने में अलग झंझट होता है।
Smart तरीका ये है:
अपने phone में reminder लगा लें। या फिर पोस्ट ऑफिस से SMS alert service activate करवा लें। ये छोटा काम आपका बहुत बड़ा नुकसान रोक सकता है।
Joint account में operation type का confusion
Joint account खुलवाते समय लोग ये नहीं पूछते कि operation type क्या है। ये वाला मामला बाद में बहुत उलझन पैदा करता है।Post Office में तीन तरह के joint account होते हैं:
- Former or Survivor – पहले वाला व्यक्ति operate कर सकता है
- Either or Survivor – कोई भी operate कर सकता है
- Jointly – दोनों की signature चाहिए
ज्यादातर लोगों को लगता है कि joint account means दोनों अलग से पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है।
मेरे एक रिश्तेदार ने अपनी पत्नी के साथ joint FD बनाई थी। जब उन्हें emergency में पैसे की जरूरत पड़ी तो पता चला कि दोनों की हस्ताक्षर चाहिए। उस समय उनकी पत्नी दूसरे शहर में थी। अगर आपने “Jointly” option चुना है तो दोनों की मौजूदगी जरूरी होगी। ये छोटी सी बात बड़ी मुसीबत बन सकती है।
सही तरीका ये है कि account खोलते समय ही ये clear कर लें कि किस type का joint account चाहिए।
Passbook और receipts को संभाल कर न रखना
आजकल लोग digital हो गए हैं। Passbook को फालतू समझने लगे हैं। लेकिन post office में ये बहुत जरूरी document है। कई बार ऐसा होता है कि किसी technical problem की वजह से post office के system में data नहीं दिखता। ऐसे में passbook ही आपका सबूत होती है। पिछले महीने ही मेरे गाँव में एक महिला को परेशानी हुई। उनकी RD की कुछ किस्तें system में नहीं दिख रही थीं। अच्छा हुआ कि उनके पास passbook थी जिसमें सब entry थी।
Receipts का भी यही हाल है:
FD की receipt खो गई तो duplicate बनवाने में समय और पैसा दोनों लगता है। कुछ cases में तो indemnity bond भी देना पड़ता है। मेरी सलाह है कि सभी important documents की xerox और scan copy जरूर रखें। Passbook हमेशा साथ ले जाएं जब post office जा रहे हों।
छोटी-छोटी बातों पर ध्यान न देना
बहुत से लोग signature match की importance नहीं समझते। आज कुछ और तरीके से sign किया, कल कुछ और। Post office में ये बहुत बड़ी problem बन सकती है।
Signature mismatch होने पर:
आपका transaction reject हो सकता है। मैंने देखा है कि लोग गुस्से में आ जाते हैं लेकिन ये नियम सबकी security के लिए है। मोबाइल नंबर का अपडेट रहना भी जरूरी है। कई important messages आते हैं जो आपको time पर मिलने चाहिए। अगर पुराना नंबर registered है तो आप updates से वंचित रह जाएंगे।
Address proof भी regularly update करें। खासकर अगर आप किराए के मकान में रहते हैं तो ये और भी जरूरी हो जाता है।
Form भरते समय गलती न करें। कई बार लोग जल्दबाजी में गलत जानकारी भर देते हैं। बाद में उसे सुधारवाना मुश्किल होता है।
सवाल-जवाब
पोस्ट ऑफिस में nominee बदलना कितना आसान है? Nominee बदलना बिलकुल आसान है। आपको सिर्फ एक form भरना होता है जो post office में मिल जाता है। साथ में account की passbook लेकर जाएं। कुछ ही मिनटों में काम हो जाता है और कोई charge नहीं लगता।
अगर RD की किस्त छूट गई तो क्या होगा? RD में 4 installments तक की छूट allowed है। इसके बाद account discontinue हो सकता है। छूटी हुई किस्तों पर penalty भी लगती है जो लगभग 1-2 रुपए प्रति 5 रुपए होती है। समय पर जमा करना ही बेहतर है।
FD समय से पहले तोड़ने पर कितना नुकसान होता है? Premature withdrawal में interest rate कम हो जाता है। साथ ही penalty भी लगती है जो लगभग 1% होती है। अगर 6 महीने के अंदर तोड़ते हैं तो ब्याज भी नहीं मिलता। इसलिए emergency fund अलग रखें और FD को mature होने दें।
महत्वपूर्ण सूचना
ऊपर दी गई जानकारी सामान्य अनुभव और जागरूकता के उद्देश्य से है। Post Office की policies और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी financial decision लेने से पहले अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस से संपर्क करें और वर्तमान नियमों की पुष्टि कर लें। हर व्यक्ति की आर्थिक स्थिति अलग होती है इसलिए अपनी जरूरत के अनुसार ही निवेश का निर्णय लें।











