PPF से सालाना कमाई: ₹21,000 तक फायदा, Sukanya Yojana में इससे भी ज्यादा कमाई- जाने पूरी जानकारी

Published on. December 11, 2025

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PPF से सालाना कमाई और सुकन्या समृद्धि जैसी schemes को लोग अक्सर बस “टैक्स बचत” मानकर छोड़ देते हैं, जबकि सही तरह से समझो तो हर साल की कमाई अच्छी खासी बन सकती है. कई बार गांव के लोग पूछ लेते हैं – “भैया, साल–दो साल में क्या फर्क दिखता है?” असली खेल तो discipline और long term में दिखता है.

PPF में सालाना कमाई ₹21,000 तक कैसे दिखती है?

PPF एक long-term सरकारी बचत स्कीम है, जहाँ आप हर साल एक निश्चित रकम जमा करते हैं और उस पर compounding से ब्याज बनता है. मान लीजिए कोई व्यक्ति साल भर में लगभग ₹1.5 लाख PPF में डाल रहा है, तो official interest rate के हिसाब से उसकी सालाना कमाई मोटे तौर पर ₹21,000 के आसपास दिखाई दे सकती है (ये figure amount और समय के हिसाब से थोड़ा ऊपर–नीचे हो सकता है).

अब बहुत लोग यहाँ गलती कर देते हैं – वो सिर्फ “एक साल का ब्याज” देख कर judgment कर लेते हैं. PPF की असली ताकत 10–15 साल के बाद समझ आती है, जब हर साल का जमा और उस पर ब्याज, फिर उस पर compounding मिलकर बड़ा corpus बनाता है. अगर कोई 15 साल तक रुक जाए, तो सिर्फ ब्याज ही कई बार लाखों में पहुँच जाता है.

एक practical scene सोचिए – मान लीजिए आप हर साल PPF में 1–1.5 लाख के बीच बचत कर रहे हैं. शुरू के 2–3 साल में आपको लगेगा कि बस थोड़ा ही ब्याज बन रहा है, पर 10वें–12वें साल आते–आते सिर्फ interest ही आपके सालाना salary जैसा लगने लगता है. यहीं पर लोग कहते हैं – “काश शुरुआत में थोड़ा और जोर लगा लेते”.

Sukanya Yojana में इससे भी ज्यादा कमाई क्यों दिखती है?

सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटियों के लिए बनाई गई बचत स्कीम है. इसमें ब्याज दर आमतौर पर PPF से थोड़ी ज्यादा रहती है और lock-in भी बेटी की उम्र के हिसाब से लंबा रहता है. जब interest rate ज़्यादा और अवधि लंबी हो, तो सालाना earning PPF से स्वाभाविक रूप से ऊपर चली जाती है.

मान लीजिए किसी ने बेटी के नाम पर हर साल 1–1.5 लाख के आसपास सुकन्या अकाउंट में जमा करना शुरू किया. कुछ साल बाद जब corpus थोड़ा मोटा हो जाएगा, तो उस पर सालाना ब्याज कई बार 25–30 हज़ार से भी ऊपर जा सकता है, और maturity के समय तो पूरी रकम मिलाकर अच्छा खासा धन बनता है. कई parents बताते हैं कि अगर वो बेटा–बेटी दोनों में समान बचत compare करते हैं, तो सुकन्या अकाउंट की growth ज़्यादा दिखती है.

जरा imagine कीजिए – आपकी बेटी अभी 3–4 साल की है, आप 10–12 साल तक उसके नाम पर disciplined saving करते हो. जब उसकी पढ़ाई या शादी का समय आएगा, उस समय सिर्फ maturity amount ही नहीं, बल्कि सालों की peace of mind भी साथ होगी. कई पेरेंट्स ने बाद में कहा है – “ये हमने अपने लिए नहीं, बच्ची के future के लिए सबसे सही कदम उठाया”.

PPF और Sukanya में आम लोग कहाँ गलती कर बैठते हैं?

सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग इन दोनों को बस “टैक्स बचत” का tool मान लेते हैं. साल के आखिरी महीने में जल्दी–जल्दी पैसा डाल कर सोच लेते हैं कि काम खत्म. असल में ये schemes तभी अपना रंग दिखाती हैं, जब आप पूरे साल systematic तरीके से investment करें, न कि सिर्फ आखिरी महीने में.

दूसरी गड़बड़ ये होती है कि लोग बीच में ही अकाउंट में पैसा कम कर देते हैं या कुछ साल बाद interest देख कर कहते हैं – “अरे, ये तो इतना खास नहीं है” और ध्यान mutual fund या किसी और जगह divert कर देते हैं. diversification अच्छी बात है, लेकिन guaranteed, tax–friendly और सुरक्षित options को base pillar की तरह रखना ज़्यादा समझदारी है. खासकर उन लोगों के लिए जो risk नहीं लेना चाहते, या जिनका target बच्चों की पढ़ाई, शादी या retirement जैसा long-term goal हो.

मेरे खुद के आसपास कई लोगों ने सुकन्या अकाउंट को हल्के में लिया. 3–4 साल तक थोड़ी–थोड़ी saving की, फिर दुकान या घर के खर्च के चक्कर में बंद कर दिया. बाद में वही लोग पछताते दिखे, जब किसी और ने 10–12 साल लगातार चलाया और maturity के समय अच्छी खासी रकम दिखी.

किसके लिए कौन सा option ज़्यादा समझदारी वाला है?

अगर घर में बेटी है, तो सुकन्या समृद्धि अकाउंट frankly बहुत strong option बन जाता है. higher interest, tax benefit, और लंबे समय तक forced saving – ये तीनों चीजें उसे PPF से कई मामलों में ज़्यादा powerful बना देती हैं, खासकर child–specific goal के लिए.

PPF दूसरी तरफ हर तरह के investor के लिए base जैसा काम कर सकता है. चाहे आप salaried हों, self-employed हों या छोटे व्यवसायी – long-term safe saving के लिए PPF एक stable विकल्प है. retirement planning, घर बनाना, future medical security – इन सबके लिए PPF धीरे–धीरे strong fund build कर सकता है. अगर कोई family smart तरीके से चले तो वो दोनों का combination भी रख सकती है – अपने नाम से PPF और बेटी के नाम से सुकन्या, ताकि future के दो बड़े goals एक साथ cover हो जाएं.

एक और practical angle – बहुत से लोग पूछते हैं, “कितना डालें?” आदर्श स्थिति में तो दोनों में limit के करीब पहुँचना अच्छा है, पर ground reality यह है कि जो भी amount आप बिना tension के सालों तक regular दे सकते हैं, वही सही starting point है. बाद में income बढ़ने पर contribution बढ़ा सकते हैं.

कुछ आम सवाल, जो अक्सर दिमाग में आते हैं

सवाल 1: क्या सिर्फ ₹21,000 सालाना ब्याज के लिए PPF खोलना सही है?
जवाब: इस सवाल को ऐसे मत देखिए कि “बस 21 हज़ार ही बन रहे हैं”. PPF में हर साल जमा + हर साल का interest मिलकर long term में बड़ा fund बनाते हैं. आज 21 हज़ार दिख रहा है, 10–15 साल बाद यही सालाना ब्याज कई गुना हो सकता है, वो भी secured और tax–efficient तरीके से.

सवाल 2: सुकन्या में PPF से ज़्यादा कमाई क्यों possible है?
जवाब: आम तौर पर सुकन्या समृद्धि में ब्याज दर थोड़ी ज्यादा रखी जाती है और पैसा लंबी अवधि तक बंद रहता है, जिससे compounding का असर गहरा होता है. यही कारण है कि equal investment पर कई बार Sukanya का maturity amount PPF से बड़ा बन जाता है, खासकर अगर शुरुआत early age में हो.

सवाल 3: अगर income limited है, तो पहले PPF करें या Sukanya?
जवाब: अगर घर में बेटी है और लक्ष्य साफ है कि उसकी पढ़ाई–शादी के लिए सुरक्षित फंड बनाना है, तो priority Sukanya को देना logical लगता है. अगर अभी बेटा ही है या family future के लिए generic safe fund बनाना चाहती है, तो PPF बेहतर शुरुआती चुनाव हो सकता है. दोनों में एक–एक छोटा amount रखकर भी शुरुआत की जा सकती है, फिर बाद में amount बढ़ाया जा सकता है.

अंत में एक सीधी बात, बिना घुमाए

सच बोलूँ तो PPF और Sukanya दोनों को social media वाले अक्सर बहुत glamorous या बहुत boring बनाकर दिखाते हैं. हकीकत इन दोनों के बीच कहीं है. ये schemes न तो रातों–रात अमीर बना देंगी, न ही बेकार हैं. इनका असली value तब दिखता है जब आप 10–15 साल तक बिना break discipline के साथ इन्हें चलाते हैं.

अगर आप सच में future secure करना चाहते हैं – खासकर बच्चों और retirement के लिए – तो ये दोनों instruments strong आधार बन सकते हैं. बस शुरुआत सही समय पर, सही expectation के साथ और लंबे समय के commitment के साथ करनी होगी. बाकी compounding अपना काम चुपचाप करती रहेगी.

Disclaimer

यह लेख केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है. इसे किसी भी तरह की व्यक्तिगत financial सलाह, निवेश की सिफारिश या guarantee के रूप में न लें. PPF, Sukanya और अन्य schemes की ब्याज दरें, नियम और टैक्स संबंधी प्रावधान समय–समय पर बदल सकते हैं. किसी भी निवेश निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत से ताज़ा जानकारी और जरूरत हो तो registered financial advisor की राय लेना ज़रूरी है. आपकी कमाई–नुकसान की पूरी ज़िम्मेदारी आपके अपने निर्णय पर रहेगी.

🔴 जरूरी जानकारी
यह जानकारी सरकारी वेबसाइटों और भरोसेमंद सार्वजनिक स्रोतों को देखकर आसान भाषा में समझाने के लिए लिखी गई है। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग या सरकारी दफ्तर की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। किसी भी योजना, पैसा, लाभ या नियम से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले कृपया संबंधित सरकारी वेबसाइट पर जानकारी खुद से एक बार जरूर जांच लें।

Kamlesh Kumar

मेरा नाम कमलेश कुमार है और मेरा उम्र 22 वर्ष है।मैं ब्लॉगिंग करता हूँ और किसान से जुड़ी सरकारी अपडेट, सरकारी योजनाएँ और पोस्ट ऑफिस स्कीम की जानकारी आसान भाषा में लिखता हूँ। यहाँ दी गई जानकारी मैं सरकारी वेबसाइटों और भरोसेमंद सार्वजनिक स्रोतों को देखकर तैयार करता हूँ। ई-मेल: help@suchnamanch24x7.in

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