राजस्थान सरकार ने 21 दिसंबर 2025 को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़ा एक बड़ा DBT ट्रांसफर किया, जिसमें करीब 91.58 लाख महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ ₹1,054 करोड़ की राशि भेजी गई। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के ज़रिए सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की गई, जिससे भुगतान में देरी और कटौती जैसी शिकायतें काफी हद तक कम हुई हैं।

यह भुगतान विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और एकल नारी पेंशन जैसी योजनाओं के अंतर्गत किया गया है। लेकिन बहुत सी महिलाओं के मन में यह सवाल है कि क्या उनका नाम भी लाभार्थी सूची में है और अगर पैसा नहीं आया है तो उसका कारण क्या हो सकता है।
एक साथ 91 लाख से अधिक महिलाओं को मिला भुगतान
राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में इस DBT ट्रांसफर की घोषणा की गई। सरकार का कहना है कि DBT व्यवस्था से अब लाभ सीधे खाते में पहुँचता है और किसी बिचौलिये की भूमिका नहीं रहती। इसी कार्यक्रम में राजीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को लगभग ₹100 करोड़ का ऋण भी वितरित किया गया, ताकि स्वरोज़गार और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। राज्य सरकार के अनुसार, इस तरह की सीधी ट्रांसफर प्रणाली से योजनाओं की निगरानी आसान होती है और पात्र लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुँचती है।
किन योजनाओं के तहत यह राशि भेजी गई
₹1,054 करोड़ की यह राशि राजस्थान की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जारी की गई है। इन योजनाओं का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा किया जाता है।
इन योजनाओं में शामिल लाभार्थियों की श्रेणियाँ इस प्रकार हैं:
- 55 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं
- विधवा महिलाएं
- तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाएं
- 30 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाएं
- पात्र विकलांग महिलाएं
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को नियमित आय सहायता देना है, ताकि वे अपनी बुनियादी ज़रूरतें पूरी कर सकें।
बैंक खाते में पैसा आया या नहीं, ऐसे करें जांच
DBT के तहत राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। जिन महिलाओं का खाता आधार और पेंशन रिकॉर्ड से सही तरीके से जुड़ा है, उनके खाते में पैसा पहुँच चुका है। बैंक बैलेंस मोबाइल ऐप, SMS अलर्ट या ATM के माध्यम से देखा जा सकता है। अगर किसी लाभार्थी को पैसा नहीं दिख रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। कई बार तकनीकी कारणों, बैंक विवरण में गलती या आधार लिंक न होने की वजह से भुगतान अटक जाता है।
ऑनलाइन लिस्ट में अपना नाम कैसे देखें
राजस्थान सरकार की आधिकारिक वेबसाइट ssp.rajasthan.gov.in पर जाकर पेंशन लाभार्थी सूची देखी जा सकती है। वेबसाइट पर रिपोर्ट सेक्शन में जाकर जिला, ग्रामीण या शहरी क्षेत्र, ग्राम पंचायत या वार्ड चुनकर लाभार्थियों की सूची देखी जा सकती है। इस सूची में नाम के साथ योजना का प्रकार और भुगतान की स्थिति भी दिखाई देती है। विस्तृत जानकारी के लिए PPO नंबर या आवेदन संख्या से व्यक्तिगत पेंशन स्टेटस भी चेक किया जा सकता है।
DBT से क्या बदला है ज़मीनी स्तर पर
DBT प्रणाली लागू होने के बाद पेंशन भुगतान से जुड़ी कई पुरानी समस्याएँ कम हुई हैं। पहले जहां भुगतान में देरी या आंशिक राशि मिलने की शिकायतें आती थीं, अब अधिकतर मामलों में पूरी राशि सीधे खाते में पहुँच रही है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजना के क्रियान्वयन पर बेहतर नियंत्रण संभव हुआ है। साथ ही, महिलाओं को नियमित आय सहायता मिलने से उनकी आर्थिक सुरक्षा में भी सुधार हुआ है।
अगर पैसा नहीं आया है तो क्या करना चाहिए
अगर ऑनलाइन स्टेटस में “Pending” या “Hold” दिखाई दे रहा है, तो इसका मतलब है कि आवेदन अभी प्रक्रिया में है या किसी दस्तावेज़ में सुधार की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे मामलों में नजदीकी ई-मित्र केंद्र, तहसील या सामाजिक न्याय कार्यालय से संपर्क करना उचित रहता है।अक्सर आधार लिंक, बैंक खाता निष्क्रिय होना या विवरण में अंतर जैसी वजहों से भुगतान रुक जाता है। समय पर सुधार करने से अगली किस्त में राशि जारी हो जाती है।
राजस्थान DBT योजना से जुड़े आम सवाल
1) क्या ₹1,054 करोड़ सभी महिलाओं में बराबर बांटे गए हैं?
नहीं। राशि अलग-अलग योजनाओं के अनुसार तय होती है और हर लाभार्थी को समान रकम नहीं मिलती।
2)अगर नाम सूची में नहीं दिखे तो क्या किया जा सकता है?
ई-मित्र केंद्र या सामाजिक न्याय कार्यालय में जाकर आवेदन की स्थिति की जांच या नया आवेदन किया जा सकता है।
3)पेंशन की अगली किस्त कब आएगी?
यह योजना और विभागीय कैलेंडर पर निर्भर करता है। अपडेट के लिए आधिकारिक पोर्टल देखना सबसे सही तरीका है।
आखरी में बस इतना ही
राजस्थान सरकार द्वारा किया गया यह DBT ट्रांसफर सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत एक बड़ा कदम माना जा सकता है। सीधे बैंक खाते में भुगतान होने से पारदर्शिता बढ़ी है और पात्र महिलाओं को समय पर सहायता मिल रही है। अगर किसी लाभार्थी को अभी तक राशि नहीं मिली है, तो घबराने के बजाय आधिकारिक पोर्टल पर स्टेटस जांचना और आवश्यक सुधार करना सही रास्ता है।
Disclaimer
यह जानकारी सार्वजनिक सरकारी पोर्टलों और उपलब्ध आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। योजना के नियम, प्रक्रिया और भुगतान समय में बदलाव संभव है। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करना आवश्यक है।












