November 2025 अपडेट: महिला और SC/ST बिज़नेस वालों को अब मिलेगा ₹2 करोड़ तक का आसान लोन – जानें पूरी प्रक्रिया

Published on. November 12, 2025

सरकार ने नवंबर 2025 तक साफ़ कर दिया है कि पहली बार बिज़नेस शुरू करने वाली महिला और SC/ST के बिज़नेस के लिए अब ₹2 करोड़ तक का टर्म लोन उपलब्ध कराया जाएगा, और इसका लक्ष्य अगले 5 साल में 5 लाख नए उद्यमी तक पहुँचना है। 

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ये पहल यूनियन बजट 2025–26 में ऐलान की गई थी, ताकि पूंजी तक आसान पहुँच बने और जिन लोगों को बैंक से लोन लेने में सबसे ज़्यादा दिक्कत आती थी, उन्हें सीधी मदद मिले। बड़े लेवल पर MSME क्रेडिट इकोसिस्टम में भी गारंटी कवर और प्रोसेस को मज़बूत किया गया है, ताकि बैंकिंग सिस्टम इसे तेज़ी से लागू कर सके ।

लोग यहाँ अक्सर उलझ जाते हैं: यह स्कीम Stand-Up India से अलग क्या है

काफी लोग पहली नज़र में इसे वही पुरानी Stand-Up India स्कीम मान लेते हैं। सच बताऊँ तो शुरू में मुझे भी ऐसा ही लगा था। लेकिन असली फर्क साफ है—पहली स्कीम में लोन की सीमा ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक थी, जबकि नई योजना में सीधे ₹2 करोड़ तक का लोन दिया जाएगा। पहले मॉडल में हर बैंक को कम-से-कम एक महिला और एक SC/ST व्यक्ति को नया बिज़नेस शुरू करने में मदद करनी होती थी।

अब पूरी कोशिश यह है कि करीब 5 लाख नए लोग, जो पहली बार बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं, उन्हें जल्दी और आसानी से लोन मिल सके। जैसा कि कई रिपोर्टों और सरकारी जानकारी में कहा गया है, सरकार ने पुरानी योजना से जो सीख मिली थी, उसे ध्यान में रखकर इस बार लोन की राशि, दायरा और काम करने का तरीका—तीनों को पहले से ज़्यादा मजबूत और बड़ा बनाया है।

असली काम की बात: कौन आवेदन कर सकता है

अगर आप पहली बार बिज़नेस शुरू कर रहे हैं, आप महिला हैं या SC/ST श्रेणी से हैं, तो आप इस ₹2 करोड़ तक के टर्म लोन के लिए प्राथमिकता वाले लाभार्थी हैं—यही इस पहल का मूल मकसद है  ग्रीनफ़ील्ड यानी नया उद्यम—मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज़ या ट्रेडिंग—जैसे सेक्टरों में प्रोजेक्ट के लिए आवेदन का रास्ता साफ़ बताया जाएगा, जैसा पहले Stand-Up India में भी होता था । 

बैंक व्यवहार में KYC, बिज़नेस प्लान, प्रोजेक्ट कॉस्ट, मार्जिन और पुनर्भुगतान की क्षमता—ये बुनियादी चीज़ें देखता है; नए घोषणा-पत्र के साथ यह उम्मीद की जा सकती है कि दस्तावेज़ी झंझट कम करने की कोशिश भी साथ चलेगी।

इधर अक्सर दिक्कत आती है: गारंटी, कोलेटरल और ब्याज की समझ

छोटे बिज़नेस करने वालों के लिए सबसे बड़ा झंझट हमेशा यही रहता है कि बैंक गारंटी और जमानत (कोलेटरल) क्यों माँगते हैं। यही वजह है कि सरकार ने क्रेडिट गारंटी को और मजबूत किया है, ताकि बैंक भी थोड़ा निडर होकर लोन दें और छोटे उद्यमियों पर भारी जमानत का बोझ न आए। नए अपडेट में MSME क्रेडिट गारंटी का कवर बढ़ाकर ₹10 करोड़ कर दिया गया है और फीस भी पहले से हल्की कर दी गई है।

इसका फायदा सीधा यह होता है कि लोन लेने की कुल लागत कम पड़ती है। आसान शब्दों में कहें तो—अगर आपका बिज़नेस प्लान ठीक-ठाक है, कैश का हिसाब-किताब सही है और आपने सही सेक्टर चुना है, तो बैंक अब पहले की तुलना में ज़्यादा पॉज़िटिव रहेंगे। इसकी वजह साफ है—अब जोखिम का बड़ा हिस्सा सरकार संभाल रही है, इसलिए बैंक के लिए फैसला लेना आसान हो जाता है।

स्टेप-बाय-स्टेप जैसा अनुभव: प्रक्रिया ज़मीन पर कैसी दिखेगी

ग्राउंड लेवल पर प्रोसेस सामान्यतः बैंक ब्रांच या डिजिटल पोर्टल से शुरू होगी—जैसे पहले Stand-Up India में पोर्टल सपोर्ट था, वैसा ही एक सुव्यवस्थित रूट यहां भी अपेक्षित है, ताकि ट्रैकिंग और हैंडहोल्डिंग हो सके। दस्तावेज़ में पहचान-पत्र, जाति/श्रेणी प्रमाण (जहां लागू), बिज़नेस प्लान, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, अपेक्षित टर्म लोन अमाउंट, मार्जिन मनी स्रोत, और कैशफ़्लो प्रोजेक्शन—ये सब तय रहते हैं; 

बैंक उसी पर ड्यू डिलिजेंस करता है असल दुनिया की टिप—एक पेज का क्लियर बिज़नेस नैरेटिव, 24–36 महीनों का यथार्थवादी प्रॉफिट-लॉस और वर्किंग कैपिटल साइकल, और सप्लायर-ऑर्डर का संकेत—इनसे सैंक्शन टाइमलाइन तेज़ हो जाती है, यह बात बैंकर्स भी इशारों में मानते हैं।

छोटे उदाहरण से समझें: एक रियल-लाइफ जैसी सेटिंग

मान लीजिए राधा (SC) जयपुर में फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहती है—मशीनरी और सेटअप मिलाकर प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹2.4 करोड़ है, वो 15% मार्जिन लाती है, और ₹2 करोड़ टर्म लोन चाहती है। पहले इस साइज पर अक्सर कोलेटरल की सख़्ती और गारंटी कवरेज की कमी आड़े आती थी; 

अब बढ़े हुए गारंटी कवर और नए ₹2 करोड़ फ्रेमवर्क में बैंक की रिस्क धारणा बेहतर होती है, जिससे सैंक्शन की संभावना बढ़ती है। इसी तरह एक महिला उद्यमी अगर सर्विस सेक्टर में हाई-वैल्यू उपकरण खरीद रही है, तो टर्म लोन + वर्किंग कैपिटल ओवरड्राफ्ट का कॉम्बो प्लान बैंक के सामने साफ़ रखना फायदेमंद साबित होता है।

एक नजर उन स्कीमों पर जो साथ मदद करेंगी

• Mudra और स्टैंड-अप जैसे मौजूदा विकल्प छोटे टिकट साइज या शुरुआती स्तर पर सपोर्ट देते हैं; नया ₹2 करोड़ टर्म लोन इससे ऊपर की ज़रूरत को कवर करेगा ।  

मंत्रालय स्तर पर महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स और माइक्रो-एंटरप्राइज़ के लिए इन्क्युबेशन/एक्सलेरेशन सपोर्ट भी उपलब्ध है, जिससे फाइनेंस के साथ मेंटरशिप मिल पाए ।  

• MSME क्रेडिट गारंटी में बढ़ा कवर और कम फीस जैसी घोषणा कुल मिलाकर बैंकिंग चैनलों को तेज़ करने के लिए बैकस्टॉप का काम करती है

आगे का रास्ता: अभी क्या करें ताकि मौका हाथ से न जाए

सबसे पहले तो यह साफ़ रखिए कि आप किस श्रेणी में आते हैं और क्या आप सच में “पहली बार बिज़नेस शुरू करने वाले” उद्यमी हैं। यही इस योजना की सबसे बड़ी शर्त है। दूसरा, जिस सेक्टर में आप बिज़नेस करना चाहते हैं, उसके बारे में थोड़ा-बहुत ज़मीनी डेटा इकट्ठा कर लें—जैसे आपके इलाके में मांग कैसी है, सामान कहाँ से आएगा, और कितने खर्च में आएगा। बैंक को जब दिखता है कि आपने थोड़ी मेहनत पहले से कर ली है, तो बातचीत भी आसान हो जाती है।

तीसरा, अगर आपका प्रोजेक्ट बड़ा है, तो मशीनरी वाले सप्लायर के कोट, इंश्योरेंस की जानकारी, और बाद में होने वाली सर्विस (AMC) जैसी चीज़ें अपनी फाइल में जोड़ दें। इससे बैंक को आपकी पूरी लागत साफ़ दिखाई देती है और आपकी सैंक्शन फाइल ज़्यादा मजबूत बन जाती है। मेरी खुद की राय में, ये छोटी-छोटी तैयारी आगे जाकर लोन प्रोसेस को बहुत तेज़ कर देती हैं।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए दी गई है। ताज़ा या आधिकारिक अपडेट के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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यह जानकारी सरकारी वेबसाइटों और भरोसेमंद सार्वजनिक स्रोतों को देखकर आसान भाषा में समझाने के लिए लिखी गई है। यह वेबसाइट किसी भी सरकारी विभाग या सरकारी दफ्तर की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। किसी भी योजना, पैसा, लाभ या नियम से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले कृपया संबंधित सरकारी वेबसाइट पर जानकारी खुद से एक बार जरूर जांच लें।

Kamlesh Kumar

मेरा नाम कमलेश कुमार है और मेरा उम्र 22 वर्ष है।मैं ब्लॉगिंग करता हूँ और किसान से जुड़ी सरकारी अपडेट, सरकारी योजनाएँ और पोस्ट ऑफिस स्कीम की जानकारी आसान भाषा में लिखता हूँ। यहाँ दी गई जानकारी मैं सरकारी वेबसाइटों और भरोसेमंद सार्वजनिक स्रोतों को देखकर तैयार करता हूँ। ई-मेल: help@suchnamanch24x7.in

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